जादोपुर थाना क्षेत्र के भुआली टोला गांव निवासी केशव सिंह का पुत्र रितेश कुमार सिंह करीब दो माह से किसी प्रिया नामक एक लड़की के संपर्क में था। फोन पर लगातार बात करने के बाद प्रिया ने रितेश को अपने जाल में फंसा लिया। जाल में फंसाने के बाद प्रिया ने रितेश को कई बार मिलने के लिए बुलाया था। लेकिन पूर्व में रितेश की उससे मुलाकात नहीं हो सकी। आखिरकार प्रिया ने रितेश को दीपावली के एक दिन पूर्व मिलने का वादा किया। प्रिया के बताये स्थान मांझा थाना क्षेत्र के दानापुर गांव के समीप स्थित छठ स्थान पर मिलने के लिए रितेश दीपावली के एक दिन पूर्व रात्रि समय पहुंचा। जैसे ही रितेश कुमार सिंह वहां पहुंचा, चार लोगों ने मिलकर रितेश का अपहरण कर लिया। जिसके बाद अपहरणकर्ताओं ने रितेश को गाड़ी से खींच कर हाथ बांधा और दूसरी गाड़ी में बैठा लिया। अपहृत रितेश कुमार ने बताया कि प्रिया नामक लड़की अपने जाल में फंसाने के बाद उसके अपहरण साजिश को रचने में शामिल थी।
अपहरणकर्ताओं के गैंग में शामिल है कई युवतियां
रितेश कुमार सिंह के अपहरण के बाद एक बात तो साफ हो गया है कि रितेश कुमार सिंह का जिस गैंग के सदस्यों ने अपहरण किया था। उस गैंग में सक्रिय रूप से कई महिलाएं व युवती भी काम कर रही है। इस गैंग में काम करने वाली युवती अमीर घराने के युवकों को फोन कर अपने जाल में फंसाने का काम करती है। जब युवक पुरी तरह से इन युवतियों के जाल में फंस जाते है तो उन युवकों का अपहरण का खेल शुरू कर देती है।
अपहरण की घटनाओं में सक्रिय रही है महिलाएं
वर्ष 2013 के जुलाई माह में शहर के कपड़ा व्यवसायी नितेश टिबड़ेवाल का अपहरण में एक महिला की सक्रिय भूमिका रही थी। इस कांड में कपड़ा व्यवसायी को एक महिला ने फोन कर मिलने के लिये बुलाया था। जहां से कुछ अपराधियों ने उसका अपहरण कर लिया था। इस घटना के बाद रितेश कुमार सिंह के हुए अपहरण से साफ पता चलता है कि अपराध में महिलाएं भी अब सक्रिय रूप से काम कर रही हैं।