कुचायकोट प्रखंड के विश्वंभरपुर तथा काला मटिहनिया पंचायत के अलावा सदर प्रखंड के जगीरी टोला, बरईपट्टी तथा कठघरवां पंचायत में गंडक नदी की तबाही जारी है। कटाव की गति लगातार तेज होने के कारण ग्रामीण अपना आशियाना खुद ही तोड़ने लगे हैं। अपना घर तोड़ रहे लोगों का मानना है कि नदी पूरा घर अपनी धारा में समेट रही है। ऐसे में अपने घर में लगे ईट को बचाने का वे प्रयास कर रहे हैं।
कटाव का दंश झेल रहे विश्वंभरपुर तथा काला मटिहनिया के अलावा कठघरवां, बरईपट्टी व जगीरी टोला पंचायत के कई गांवों की स्थिति कटाव के कारण दिन प्रतिदिन खराब होती जा रही है। लगातार गांव में बढ़ रहे नदी के पानी व कुछ इलाकों में तेजी से हो रहे कटाव को देख ग्रामीण अपने घरों को खुद ही तोड़ रहे हैं। उन्हें इस बात की उम्मीद है कि इससे वे अपनी कुछ संपत्ति को बचा लेंगे। लोगों को इस बात का मलाल भी है कि प्रशासन ने समय रहते गांव तथा ग्रामीणों की सुध नहीं ली। गुरुवार को भी विश्वंभरपुर पंचायत के राजेश सहनी सहित कई लोग अपने घरों को तोड़ने में लगे थे। घर-परिवार की महिलाएं व बच्चे भी उन्हें सहयोग कर रहे थे। गांव के कई ऐसे परिवारों के लोग अपने दालान व झोपड़ी को भी तोड़कर हटाने में लगे थे। घर को तोड़ रहे लोगों ने पूछे जाने पर बताया कि वे कहां जाएंगे, इस बात का कोई भी ठिकाना नहीं है। ज्ञातव्य है कि गत वर्ष भी हुए कटाव के कारण सदर प्रखंड के कई पंचायतों के अलावा काला मटिहनिया पंचायत के कई गांवों में भीषण तबाही मची थी। पिछले वर्ष भी दर्जनों परिवारों के लोग कटाव के कारण अपने घरों को अपने ही हाथ से तोड़ने को विवश हुए थे। इस साल भी यहीं स्थिति बनती नजर आ रही है। क्योंकि गांव में कराया गया कटाव निरोधी कार्य नदी के गर्भ में समा गया है। अबतक गांव के दो दर्जन से भी अधिक पक्के मकानों को ग्रामीण खुद अपने हाथ से तोड़ चुके हैं।