योगदान में गड़बड़ी पर बीइओ से जवाब- तलब

नियोजन के करीब दो साल बाद पंचायत शिक्षिका का योगदान कराए जाने के मामले की जांच के दौरान उप विकास आयुक्त ने मांझा प्रखंड की बीइओ तारा सिंह से जवाब तलब किया है। मामले की जांच को जिला शिक्षा कार्यालय पहुंचे डीडीसी ने अनुपस्थित पाए गये दो कर्मियों की हाजिरी काट दी।

जानकारी के अनुसार गत 31 दिसम्बर को जिलाधिकारी के जनता दरबार में मांझा प्रखंड के नवसृजित प्राथमिक विद्यालय बलुआ टोला कोईनी की हेडमास्टर इंगलेश कुमारी ने पंचायत शिक्षिका के पद पर तैनात शिक्षिका विमला कुमारी तथा उनके परिवार के लोगों द्वारा आए दिन धमकी देने का आरोप लगाते हुए मामले की जांच कराने व दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की गुहार लगायी थी। इस मामले की जांच को जिला शिक्षा कार्यालय पहुंचे उप विकास आयुक्त जिउत सिंह ने जांच के दौरान पाया कि 20 सितम्बर 2012 को शिक्षिका का नियोजन किया गया। नियोजन के करीब दो साल बाद नियमों को ताक पर रखकर बीइओ तारा सिंह ने विमला कुमारी का योगदान 20 अगस्त 2014 को ले लिया। इसके बाद हेडमास्टर अपने विद्यालय में शिक्षिका का योगदान लेने से इनकार कर रही थी। जांच के दौरान इस बात का भी खुलासा हुआ कि विमला कुमारी नामक पंचायत शिक्षिका मुखिया देवनंदन शर्मा की बहू हैं। हद तो यह कि विमला कुमारी ने हेडमास्टर के विरुद्ध दो लाख रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में कोर्ट में वाद भी दाखिल कर रखा है। उप विकास आयुक्त ने पूरे मामले की जांच में शिक्षिका के योगदान में नियमों का उल्लंघन करने के मामले में बीइओ से जवाब तलब किया है। इस प्रकरण की जांच के बाद डीडीसी ने जिला शिक्षा कार्यालय के कर्मियों की उपस्थिति की भी जांच की। जांच के दौरान नीरज कुमार निराला तथा विजेंद्र कुमार नामक दो कर्मी बगैर सूचना के अनुपस्थित पाए गये। दोनों की हाजिरी उप विकास आयुक्त ने काट दिया।

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