बुधवार को न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता दिखी। पूरे न्यायालय परिसर मे जवान तैनात थे। कोर्ट परिसर में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति पर जवानों ने कड़ी नजर रखी। हद तो यह कि इस जांच से आम लोगों के अलावा अधिवक्ताओं को भी गुजरना पड़ा।
वैसे पिछले तीन दिनों से न्यायालय परिसर में अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गयी है। न्यायालय के दोनों गेट पर जवान मुस्तैद दिख रहे हैं। लेकिन बुधवार को जांच में कुछ सख्ती दिखी। कोर्ट के मुख्य गेट से अंदर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को जांच से गुजरना पड़ा। इस जांच में कई वकील भी फंसे। इस बात को लेकर कुछ वकील आहत भी थे। बावजूद इसके जांच की प्रक्रिया दोपहर बाद तक जारी रही। अचानक न्यायालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था क्यों बढ़ायी गयी, इस बात को ना ही न्यायालय की ओर से स्पष्ट किया गया और ना ही पुलिस पदाधिकारियों ने ही इस बात के बारे में कोई स्पष्ट जवाब दिया। ज्ञातव्य है कि न्यायालय परिसर में अन्य दिनों में सुरक्षा के नाम पर जवानों की संख्या काफी कम दिखती है। ऐसे में बुधवार को न्यायालय के दोनो गेट पर इनकी मौजूदगी तथा लोगों की जांच से यहां आने वाला प्रत्येक व्यक्ति यह सोचने को जरुर विवश हुआ कि न्यायालय परिसर में कुछ हुआ तो नहीं है।