होटलों में इस्तेमाल हो रहा घरेलू रसोई गैस

शहर से लेकर कस्बाई बाजार के होटलों में अब भी घरेलू रसोई गैस का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके साथ ही रसोई गैस के घरेलू सिलेंडरों से छोटे सिलेंडरों में गैस भरने और उसे बेचने का कारोबार भी जोरो पर है। लेकिन इसके बावजूद इनके खिलाफ प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। ऐसा तब है जबकि कुछ माह पूर्व शहर में प्रशासन ने मौनिया चौक के एक होटल पर छापामारी कर कई घरेलू रसोई गैस का सिलेंडर बरामद किया था। इस छापामारी के बाद होटलों और ठेला पर खाना पान बनाने की दुकानों में घरेलू गैस का इस्तेमाल करना बंद हो गया था। लेकिन प्रशासन की कार्रवाही ठप पड़ते ही फिर से होटलों और ठेला नुमा दुकानों में रसोई गैस का इस्तेमाल शुरू हो गया है। घरेलू रसोई गैस का होटलों में इस्तेमाल करने के साथ ही शहर के विभिन्न इलाके में गैस की रिफीलिंग का कार्य बेरोकटोक चल रहा है। घरेलू रसोई गैस सिलेंडर से छोटा सिलेंडर में 90 से 100 रुपया प्रति किलो के हिसाब से रसोई गैस भरने का धंधा चल रहा है।

कई क्षेत्रों में है रसोई गैस की किल्लत

एक तरफ होटलों में घरेलू रसोई गैस का इस्तेमाल हो रहा है और छोटे सिलेंडरों में रिफीलिंग का धंधा चल रहा है। वहीं जिले के कई इलाकों में उपभोक्ता रसोई गैस की किल्लत से जूझ रहे हैं। सिधवलिया में एजेंसी द्वारा समय से रसोई गैस उपलब्ध नहीं कराने से कई घरों में रसोई गैस के चूल्हे बंद हो गए हैं। उपभोक्ता रसोई गैस के लिए कई बार सड़क पर उतर चुके हैं। कुछ ऐसी ही स्थिति अन्य प्रखंडों की भी है।

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