हथुआ प्रखंड परिसर में बन रहे भूकंप रोधी भवन का अभिलेख भी गायब है। हद तो यह कि दस साल में नींव से ऊपर महज छह फीट दीवाली की खड़ी हो सकी है। ऐसे में यह सवाल उठने लगा है कि कहीं यह योजना राशि हड़पने के लिए ही तो नहीं बनायी गयी थी। अब तो लोगों के साथ ही स्थानीय पदाधिकारियों के लिए भी अधूरा पड़ा भूकंप रोधी एवं साउंड प्रुफ भवन पहेली बन गयी है। दरअसल 2004 के मार्च में यहां भूकंप रोधी भवन बनना शुरु हुआ और काफी राशि खर्च भी कर दी गयी। लेकिन वर्तमान में स्थिति यह है कि नींव से महज छह फीट ऊंचाई पर लाकर उसे छोड़ दिया गया। नतीजतन इस अधूरे भवन में बड़े-बड़े पेड़ तथा झांड़ियां उग आए है। हथुआ प्रखंड प्रमुख तो आशंका भी जताती हैं कि शायद इस भवन निर्माण की पूर्ण राशि की निकासी संबंधित अभिकर्ता द्वारा कर ली गयी है। वहीं इस संबंध में जब जानकारी लेने के लिए हथुआ प्रखंड कार्यालय में पूछताछ की गयी तो पता चला कि इस भवन निर्माण का अभिलेख भी कार्यालय से गायब है। पूछे जाने पर कर्मी इस भवन के संबंध में कुछ भी बता पाने में खुद को असमर्थ पाते हैं।