प्रसव पीड़ा के लिए शहर के एक निजी क्लिनिक में इलाज को पहुंची महिला तथा उसके नवजात बच्चे की मौत के मामले में नगर थाने में तीन चिकित्सकों के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई है। दर्ज प्राथमिकी में एक नर्स को भी नामजद आरोपी बनाया गया है। कांड दर्ज कर पुलिस मामले की छानबीन में लग गई है।
मांझा थाना क्षेत्र के डोमाहाता गांव की कैलाशपति देवी ने घटना को लेकर थाने में दर्ज प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि प्रसव पीड़ा के बाद उन्होंने अपनी पुत्री प्रतिभा देवी को इलाज के लिए अरार पथ स्थित एक निजी क्लिनिक में भर्ती कराया। भर्ती कराने के बाद चिकित्सकों ने उनकी बेटी के शरीर में खून की कमी होने की बात कहकर खून के लिए तीस हजार रुपया ऐंठ लिए। खून चढ़ाए जाने के बाद उनकी पुत्री प्रतिभा देवी की हालत गंभीर हो गई। महिला ने आरोप लगाया है कि चिकित्सकों ने उनकी पुत्री का ऑपरेशन करने की बात कहकर एक लाख रुपये की मांग की। महिला ने आरोप लगाया कि वह पैसों का इंतजाम कर रही थी। लेकिन चिकित्सकों ने समय से उनकी पुत्री का ऑपरेशन नहीं किया। पैसा जमा कराने के बाद चिकित्सकों ने उनकी पुत्री का आपरेशन किया। अगली सुबह उनकी पुत्री व उसके नवजात बच्चे के शव को क्लिनिक के बाहर रखकर क्लिनिक बंद कर फरार हो गए। घटना को थाने में दर्ज प्राथमिकी में महिला ने निजी क्लिनिक के चिकित्सक डॉ. मुकेश कुमार, डॉ. एके अलेका तथा डॉ आरती दीपक के अलावा नर्स व क्लिनिक के अन्य स्टॉफ को नामजद आरोपी बनाया है।