गांजा तस्करी के एक मामले में प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमर ज्योति श्रीवास्तव के न्यायालय ने दो आरोपियों को बारह-बारह साल के सश्रम कारावास तथा एक-एक लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनायी है। जुर्माना की रकम अदा नहीं करने पर आरोपियों को तीन साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। सजा सुनाए जाने के बाद दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
जानकारी के अनुसार विजयीपुर थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष बीपी आलोक ने 28 फरवरी 2013 को गुप्त सूचना के आधार पर छापा मारकर पटखौली आंगनबाड़ी केन्द्र के समीप एक कार को रोककर उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान कार की डिक्की में छिपाकर रखे गये तीन पैकेट में कुल 66 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। पुलिस ने गांजा लेकर जा रहे दो लोगों को तत्काल गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गये दोनों आरोपियों की पहचान गोपालपुर थाना क्षेत्र के चेरो टोला देउरवां गांव के परशुराम बिन्द तथा विजयीपुर थाना क्षेत्र के रतनपुरा गांव के सर्वानंद राम के रूप में की गयी। इस संबंध में थानाध्यक्ष के बयान पर विजयीपुर थाने में कांड संख्या 28/2013 प्राथमिकी दर्ज की गयी। इस मामले में पुलिस की ओर से आरोप पत्र दाखिल किये जाने के बाद एडीजे प्रथम के न्यायालय में कांड की सुनवाई प्रारंभ की गयी। सुनवाई के दौरान कोर्ट में अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत किये गये साक्ष्य के आलोक में न्यायालय ने दोनों आरोपियों को 12-12 साल के सश्रम कारावास तथा एक-एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनायी। इस मामले में सरकार की ओर से एपीपी ललन द्विवेदी तथा बचाव पक्ष से देवेन्द्र नाथ तिवारी ने न्यायालय में अंतिम बहस किया।