पंचायत चुनाव के दौरान विभिन्न पदों के लिए चुनाव मैदान में उतरने वालों के लिए नामांकन शुल्क निर्धारित कर दिया गया है। अभ्यर्थी किसी भी पद के लिए नामांकन करने के पूर्व नामांकन शुल्क के रूप में निर्धारित पैसा नाजिर के पास नकद जमा करने के बाद उसका रसीद प्राप्त करेंगे। अलावा इसके कोषागार चलान के माध्यम से भी राशि जमा की जा सकेगी। बगैर नामांकन शुल्क के दाखिल नामांकन अस्वीकृत कर दिया जाएगा।
जिला पंचायत कार्यालय ने आयोग के निर्देश पर सभी बीडीओ को पंचायत चुनाव के प्रावधान के नियम 40 में नाम निर्देशन शुल्क के संबंध में दिशानिर्देश जारी किये गये हैं। नामांकन शुल्क जमा किये जाने के समय मिलने वाली रसीद या चलान की मूल प्रति भी नामांकन के समय दाखिल किया जाना अनिवार्य कर दिया गया है। आयोग ने किसी भी दशा में नाम निर्देशन शुल्क को वापस नहीं करने का प्रावधान निर्धारित कर दिया है। आयोग ने नामांकन पत्र दाखिल किये जाने के समय ही नामांकन पत्र एवं उसके साथ संलग्न अनुलग्नक की जांच सही ढंग से किये जाने का निर्देश जारी किया है। साथ ही प्रस्तावक व अभ्यर्थी के हस्ताक्षर की भी जांच नामांकन भरे जाने के समय ही कर लेने का निर्देश जारी किया है।
हर पद के लिए लगेगा अलग शुल्क
पंचायत चुनाव के दौरान कोई भी अभ्यर्थी एक से अधिक पदों पर चुनाव लड़ सकता है। परन्तु उसे अलग-अलग पदों के लिए पृथक-पृथक नाम निर्देशन पत्र देना होगा और उसका अनुमान्य शुल्क भी अलग-अलग भुगतान करना होगा।
किस पद के लिए होगा कितना नामांकन शुल्क
* जिला परिषद सदस्य के लिए दो हजार रुपये, आरक्षित कोटि में एक हजार रुपये।
* मुखिया के लिए एक हजार रुपये तथा आरक्षित कोटि में पांच सौ रुपये।
* सरपंच के लिए एक हजार रुपये तथा आरक्षित कोटि में पांच सौ रुपये।
* पंचायत समिति के लिए एक हजार रुपये तथा आरक्षित कोटि में पांच सौ रुपये।
* ग्राम पंचायत के सदस्य के लिए 250 रुपये तथा आरक्षित कोटि में 125 रुपये।
* ग्राम कचहरी के सदस्य के लिए 250 रुपये तथा आरक्षित कोटि में 125 रुपये।
नोट :- आरक्षित कोटि में महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व पिछड़ा वर्ग के लोग शामिल हैं।