करीब आठ साल पूर्व हुई हत्या के एक मामले में अष्ठम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शोभाकांत मिश्र के न्यायालय ने शनिवार को कांड में नामजद एक आरोपी को आजीवन कारावास तथा बीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनायी। सजा सुनाए जाने के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। हत्या के दौरान अन्य लोगों के साथ हुई मारपीट के मामले में न्यायालय ने तीन महिलाओं को छह-छह माह के साधारण कारावास की सजा सुनायी।
जानकारी के अनुसार पांच अगस्त 2007 को सिधवलिया थाना क्षेत्र के विशुनपुर धोबी टोला गांव में बारिश का पानी खेत में बहाने के विवाद को लेकर कुछ लोगों ने चंद्रिका बैठा को घर से खिंचकर ले जाने के बाद उनकी पीटकर हत्या कर दी। पति को बचाने पहुंची फुलमती देवी की भी इस दौरान पिटाई की गयी। मारपीट के दौरान मौके पर ही चंद्रिका बैठा की मौत हो गयी। घटना को लेकर फुलमती देवी के बयान पर सिधवलिया थाने में कांड संख्या 25/2007 प्राथमिकी दर्ज की गयी। इस आपराधिक मामले में आरोप पत्र आने के बाद कांड में नामजद इसी गांव के झारीलाल बैठा तथा उनकी पत्नी जराऊ देवी के अलावा तेतरी देवी व इंदू देवी के विरुद्ध सुनवाई प्रारंभ की गयी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत किये गये साक्ष्य के आलोक में सत्र न्यायालय ने कांड में नामजद झारीलाल बैठा को हत्या के आरोप में दोषी करार दिया। सजा के बिन्दु पर सुनवाई के बाद न्यायालय ने उन्हें आजीवन कारावास तथा बीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनायी। अर्थदंड की रकम अदा नहीं करने पर आरोपी को छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। न्यायालय ने कांड में नामजद जराऊ देवी, तेतरी देवी तथा इन्दु देवी को भादवि की धारा 323 के तहत दोषी करार देते हुए उन्हें छह-छह माह के कारावास तथा पांच-पांच सौ रुपये अर्थदंड की सजा सुनायी। इस मामले में सरकार की ओर से एपीपी महेश प्रसाद तथा बचाव पक्ष से अरुण कुमार सिंह ने न्यायालय में अंतिम बहस किया।