अपने ऊपर पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने के अखिल भारतीय विद्यार्थी परिसर के आरोप के खिलाफ माले ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त किया है। गुरुवार को माले के जिला सचिव सुनील यादव ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि गांधी के हत्यारे और अंग्रेजों के मुखबिर हमें देश भक्ति नहीं सिखाएं। माले पर आरोप लगाने वालों को पहले अपने कारनामे के लिए देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। उन्होने कहा कि बुधवार को शहर के मौनिया चौक पर माले का कार्यक्रम पहले से ही चल रहा था। उस कार्यक्रम में अशांति फैलाने के लिए अभाविप के कार्यकर्ताओं ने बवाल मचाया। लेकिन वे अपने साजिश में सफल नहीं हो सके। उन्होने कहा कि देश में जहां भी मजदूरों के लिए, रोजगार के लिए, लोकतंत्र की रक्षा के लिए आंदोलन होता है, उन आंदोलन में शामिल लोग इन फासीष्टों को देशद्रोही ही दिखते हैं। जनता में भ्रम फैलाने वालों की पोल बहुत जल्द ही खुल जाएगा।