मद्य निषेध को जागरूक किए जाएंगे लोग

आगामी एक अप्रैल से मद्य निषेध को प्रभावी तरीके से लागू किया जाएगा। इस अभियान के बारे में जन-जन को जानकारी देने के लिए जिला मुख्यालय से लेकर सुदूर ग्रामीण इलाकों तक में वृहद जागरुकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। सोमवार को जिलाधिकारी राहुल कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक के दौरान मद्य निषेध को लेकर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गयी।

नयी उत्पाद नीति को लेकर जिला स्तर पर गठित संचालन समिति की बैठक में मद्य निषेध की कार्ययोजना वर्क कैलेंडर पर चर्चा की गयी। बैठक में इस बात पर भी सहमती बनी कि मद्य निषेध को लेकर जागरुकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। तमाम जागरुकता कार्यक्रम के लिए शिक्षा विभाग को नोडल विभाग बनाया गया। बैठक के दौरान मद्य निषेध को लेकर जिले के तमाम प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक व उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के माध्यम से संकल्प पत्र उनके अभिभावकों से संकल्प पत्र भरवाने का कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया। अलावा इसके सभी विद्यालयों के पोषक क्षेत्र में स्थित घरों पर विद्यालय के बच्चों द्वारा मद्य निषेध संबंधित नारों को लिखवाने, तथा प्रभात फेरी आदि कार्यक्रमों के आयोजन पर भी सहमती बनी। अलावा इसके स्कूलों के प्रार्थना सभा में मद्य निषेध के उद्देश्य से तैयार गीतों को आने पर भी सहमती बनी। अलावा इसके मद्य निषेध कार्यक्रम के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए जागरुकता अभियान में टोला सेवक, तालीमी मरकज, केआरपी, पंचायत स्तर पर कार्यरत विकास मित्र, आंगनबाड़ी सेविका व जीविका के कार्यकर्ताओं की टीम तैयार कर ग्राम संवाद कार्यक्रमों का आयोजन करने को लेकर भी निर्देश जारी किये गये। साथ ही सांस्कृतिक सह जागरुकता कार्यक्रम में कला जत्था की टीम के माध्यम से भी नुक्कड़ नाटकों का आयोजन करने का निर्देश दिया गया। बैठक में एसपी निताशा गुड़िया, उप विकास आयुक्त दयानंद मिश्र सहित कई पदाधिकारी मौजूद थे।

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