जिले के दियारा इलाके में अब परवल की खेती से खुशहाली लाने की कवायद तेज हो गयी है। टाल एवं दियारा विकास योजना के तहत इस इलाके में काफी पहले से हो रही परवल की खेती को इस बार और बढ़ावा दिया गया है। इसके साथ ही शकरकंद और सुथनी भी इस इलाके के लोगों के लिए आय का साधन बनेगी।
इस संबंध में जिला कृषि पदाधिकारी डा.वेदनारायण सिंह ने बताया कि जिले के पांच प्रखंडो में टाल एवं दियारा विकास योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत बैकुंठपुर, सिधवलिया, बरौली, मांझा तथा सदर प्रखंड के दियारा इलाके में इस बार परवल की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि परवल के साथ ही दियारा इलाके में तरबूज, शकरकंद और सुथनी की खेती को भी बढ़ावा दिया गया है। जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि इस योजना के तहत बीज और आवश्यक उपादान किसानों को दिया जाएगा। इसके साथ ही किसानों को उन्नत तरीके से इन फसलों को तैयार करने का प्रशिक्षण भी दिया दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले के दियारा इलाके में पहले से ही परवल की खेती होती आ रही है। यहां की मिट्टी भी इसके लिए काफी उपयुक्त है। इसकी को देखते हुए टाल एवं दियारा विकास योजना में इस बार परवल की खेती को भी शामिल किया गया। इस योजना के तहत उन्नत बीज और प्रशिक्षण मिल जाने से किसान अच्छी किस्म में परवल की उपज कर सकेंगे।