पैसों के लिए पत्‍‌नी को यूपी के व्यवसायी के हाथ बेचा

यूपी की सीमा पर स्थिति विजयीपुर थाना क्षेत्र के फरुसहां गांव के मुरारी गुप्ता ने पति-पत्‍‌नी के रिश्ते को तार-तार कर दिया। जिसके साथ उसने पूरे जीवन का निर्वाह करने की सौगंध ली, उसी पत्‍‌नी को चंद रुपयों के लिए बेच दिया। कोर्ट के आदेश पर थाने में कांड अंकित करने के बाद पुलिस पूरे मामले की छानबीन में जुट गयी है।

जानकारी के अनुसार विजयीपुर थाना क्षेत्र के पगरा टोला सहडीगरी गांव के हनुमान गुप्ता ने अपनी बहन देवी कुमारी की शादी इसी थाना क्षेत्र के फरुसहां गांव के मुरारी गुप्ता के साथ वर्ष 2007 में की थी। शादी के दो साल बाद तक दोनों का दांपत्य जीवन बेहतर रहा। शादी के दो साल बाद मुरारी गुप्ता ने अपनी पत्‍‌नी देवी को दहेज में बाइक तथा सोने की चेन के लिए प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। प्रताड़ना के बाद भी जब देवी के भाई ने दहेज की मांग पूरी नहीं की तो उसके पति मुरारी गुप्ता ने देवी को यूपी के एक चूड़ी व्यवसायी के हाथ बेच दिया। कोर्ट के आदेश पर घटना की दर्ज प्राथमिकी में देवी के भाई हनुमान गुप्ता ने अपने बहनोई पर कई संगीन आरोप लगाया है। दर्ज प्राथमिकी में उसने अपने बहनोई मुरारी गुप्ता पर उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के बेला थाना क्षेत्र के डुमरपुर गांव के निवासी तथा चूड़ी के बड़े व्यवसायी श्याम जी के हाथ बहन को दो लाख के बेचने का आरोप लगाया है। घटना को लेकर विजयीपुर थाने में दर्ज प्राथमिकी में हनुमान गुप्ता ने अपने बहनोई सहित कुल आठ लोगों को आरोपी बनाया है।

घटना के एक साल बाद सामने आया मामला

वैसे यह पूरा मामला एक साल पुराना है। बकौल पीड़ित महिला के भाई हनुमान गुप्ता, उसकी बहन को वर्ष 2009 से दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था। लगातार प्रताड़ना के बाद भी जब उसने बहनोई की मांग पूरी नहीं की तो उसने उनकी बहन का सौदा यूपी के व्यवसायी से किया। इस सौदे के बाद गत वर्ष 10 फरवरी को उसके बहनोई ने बहन को बेच दिया।

व्यवसायी की विवाहिता पत्‍‌नी बन रह रही देवी

भले ही देवी के भाई ने बहन को बेचे जाने का आरोप लगाकर मामला थाने में दर्ज कराया है। लेकिन पति द्वारा कथित रूप से बेचे जाने के बाद देवी यूपी के व्यवसायी श्याम जी की विवाहिता पत्‍‌नी के रूप में रह रही है। घटना को लेकर दर्ज प्राथमिकी में देवी के भाई ने इस बात को स्वीकार करते हुए आरोप लगाया है कि जब उसकी बहन ने यूपी के व्यवसायी के घर से फोन किया तो उसे इस बात की जानकारी हुई।

दो जनवरी को कोर्ट ने दिया था आदेश

10 फरवरी 2015 को देवी को बेचे जाने की घटना के करीब दस माह बाद उसके भाई हनुमान गुप्ता ने गत दो जनवरी को कोर्ट में परिवाद पत्र दाखिल किया था। उसी दिन कोर्ट ने घटना की प्राथमिकी संबंधित थाने में दर्ज कर अनुसंधान करने का निर्देश दिया था। इस आदेश के आलोक में शुक्रवार को विजयीपुर थाने में कांड संख्या 7/2016 प्राथमिकी दर्ज की गयी।

अनुसंधान में जुटी पुलिस

शुक्रवार को मामले की प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस मामले की जांच में जुट गयी है। इस संबंध में पूछे जाने पर विजयीपुर थानाध्यक्ष ने बताया कि कांड अंकित होने के बाद सूचक व अन्य लोगों का बयान दर्ज करने के बाद अगर मामला सत्य पाया गया तो दोषियों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

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