ग्रामीणों पर सरकारी कार्य में बाधा की प्राथमिकी

मांझा प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय बलुहीं में खुद को निगरानी सेल का अधिकारी बताकर धन की वसूली का प्रयास कर रहे पांच लोगों को पकड़कर उनकी पिटाई करने तथा पुलिस से नोंक-झोंक करना ग्रामीणों को महंगा पड़ गया। मांझा थानाध्यक्ष रामसेवक रावत ने पुलिस कर्मियों से मारपीट करने तथा सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में ग्रामीणों के विरुद्ध थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी है।

दर्ज प्राथमिकी में थानाध्यक्ष ने आरोप लगाया है कि उत्क्रमित मध्य विद्यालय बलुहीं में पांच लोग एक गाड़ी पर सवार होकर पहुंचे तथा खुद को निगरानी सेल का अधिकारी बताकर जांच करने लगे। जांच के दौरान उन लोगों ने विद्यालय के शिक्षकों से राशि की उगाही करने का प्रयास किया। इस बात की भनक मिलने के साथ ही ग्रामीणों ने पांचों लोगों की पिटाई की तथा उन्हें विद्यालय के वर्ग कक्ष में बंदी बना दिया। उन्होंने आरोप लगाया है कि जब पुलिस बंदी बने लोगों को मुक्त कराने के लिए मौके पर पहुंची तो ग्रामीणों ने पुलिस कर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार किया। साथ ही पुलिस की गाड़ी के चालक के अलावा एएसआइ छत्रपति शिवाजी सिंह एवं अनिरुद्ध प्रसाद के साथ मारपीट भी की। थानाध्यक्ष ने आरोप लगाया है कि ग्रामीणों के विरोध के कारण दूसरे थाने की पुलिस को मौका-ए-वारदात पर बुलाना पड़ा। इसके बाद पुलिस बल की मौजूदगी में बंधक बने पांच लोगों को मुक्त कराकर अस्पताल लाया गया। थानाध्यक्ष ने इस संबंध में अज्ञात ग्रामीणों को आरोपी बनाया है।

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