पानी को तरस रहा 1.33 करोड़ से बना जलमीनार

 उचकागांव के बड़कागांव में 1.33 करोड़ से बनाया गया जलमीनार खुद पानी को तरस गया है। निर्माण के पांच साल बाद भी इस जलमीनार से एक बूंद पानी की सप्लाई नहीं हो सकी। अब तो जलमीनार के निर्माण को लेकर ही लोग सवाल उठाने लगे हैं। यहां के लोग बताते हैं कि लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग ने ग्रामीण जल आपूर्ति योजना से 2009 में कराया था। जलमीनार निर्माण के साथ ही जल आपूर्ति के लिए पाइप भी बिछाई गयी। तब लोगों को उम्मीद थी कि इस जलमीनार से उन्हें शुद्ध पानी मिलेगा। लेकिन लोगों की यह उम्मीद छह साल में भी पूरी नहीं हो सकी। लोग बताते कि निर्माण के बाद से खुद जलमीनार पानी को तरस रहा है। इससे आज तक एक बूंद पानी की सप्लाई नहीं की गयी। अब तो स्थिति यह है कि जिस परिसर में जलमीनार बना है, उसका इस्तेमाल लोग पशु बांधने और चारा रखने के लिए कर रहे हैं। यहां बने कमरे जुआरियों का अड्डा बन चुका है।

Ads:






Ads Enquiry