सरकार के निर्देशों के आलोक में ईंट भट्ठों पर पानी टंकी व शौचालयों के निर्माण कराए जाने को लेकर दिशानिर्देश जारी होने के महीनों बाद तक यहां पानी टंकी व शौचालयों का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो सका है। खनन विभाग द्वारा सरकार के निर्देशों का अनुपालन नहीं किये जाने से यह स्थिति पैदा हुई है। आज स्थिति यह है कि किसी भी ईंट भट्ठे पर पानी टंकी नजर नहीं आ रही है।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि ग्रामीण इलाकों में खुले में शौच की प्रवृति पर रोक लगाने के लिए ईंट भट्ठे पर काम करने वाले मजदूरों के लिए सरकार ने पानी टंकी व शौचालयों का निर्माण कराने की कवायद शुरु की थी। इस व्यवस्था के तहत प्रत्येक ईंट भट्ठे पर शौचालय व पानी टंकी का निर्माण कार्य हर हाल में कराने का निर्देश दिया गया था। सरकार के निर्देशों के अलोक में जिला प्रशासन ने खनन विभाग को गत वर्ष जुलाई माह में ही दिशानिर्देश जारी कर हर हाल में शौचालयों व पानी टंकी का निर्माण कार्य कराने को कहा था। जिला प्रशासन द्वारा तय मियाद पूर्ण होने के एक साल बाद भी ईंट भट्ठों पर नई व्यवस्था कहीं भी कारगर नजर नहीं आ रही है। यह स्थिति तब बनी जब जिला प्रशासन ने खनन विभाग पर कार्य को हर हाल में निर्धारित अवधि के अंदर पूर्ण करने के लिए दिशानिर्देश जारी किया था। बताया जाता है कि खनन विभाग द्वारा ईट भट्ठा संचालकों पर पर्याप्त दबाव नहीं बनाये जाने के कारण यह स्थिति पैदा हुई। ऐसे में आज भी ईट भट्ठों पर कार्य करने वाले मजदूर खुले में शौच तथा भट्ठे पर लगाये गये चापाकलों के बीस से तीस फिट नीचे का पानी पीने को विवश हैं। ईंट भट्ठों पर पानी टंकी व शौचालयों के निर्माण के संबंध में जानकारी लेने के लिए जब जिला खान निरीक्षक से संपर्क किया गया तो उन्होने काल रिसिव नहीं किया।