सरकारी स्तर पर गरीब परिवार के लोगों को उपलब्ध कराये गये इंदिरा आवासों के जीर्णोद्धार की योजना इस जिले में पूरी तरह से फेल हो गयी है। दस साल से राशि के अभाव में गरीबों का आवास बीच में ही अटका हुआ है। यह स्थिति तब है जब सरकार ने मुख्यमंत्री शताब्दी इंदिरा आवास जीर्णोद्धार योजना के तहत इस मद में से तीस हजार रुपये तक की राशि दिये जाने का प्रावधान कर रखा है।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि वैसे इंदिरा आवास जो क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, उनकी मरम्मत के लिए सरकार ने मुख्यमंत्री शताब्दी जीर्णोद्धार योजना के तहत मरम्मत करने का निर्णय लिया था। सरकार ने निर्देश पर जब पूरे जिले में सर्वेक्षण कराया गया तो यह आंकड़ा सामने आया कि एक अप्रैल 2004 के पूर्व जिले में निर्मित कराये गये 932 इंदिरा आवास पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हालत में हैं। यह आंकड़ा सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने वर्ष 2013 में सरकार से इन इंदिरा आवासों के जीर्णोद्धार के लिए राशि की मांग सरकार से की। सरकार से प्रति इंदिरा आवास तीस हजार रुपये की दर से राशि मांगी गयी। बावजूद इसके मात्र 413 आवासों के लिए ही सरकार से राशि उपलब्ध करायी गयी। एक साल से यह राशि भी सरकार के खाते में पड़ी है। अबतक इस राशि का भुगतान गरीबों को नहीं हो सका है। ऐसे में तमाम इंदिरा आवासों का जीर्णोद्धार कार्य अबतक नहीं हो सका है।
बैकुंठपुर में सर्वाधिक मामले
गोपालगंज : इंदिरा आवासों के जीर्णोद्धार के सबसे अधिक मामले बैकुंठपुर प्रखंड में लंबित हैं। आंकड़े बताते हैं कि इस प्रखंड में अकेले 339 आवासों के जीर्णोद्धार का मामला लंबित है। सबसे कम पांच आवासों का जीर्णोद्धार कार्य थावे प्रखंड में लंबित है।
कहां कितने आवासों का होना है जीर्णोद्धार
प्रखंड आवास की संख्या
उंचकागांव 10
हथुआ 198
भोरे 22
बरौली 36
थावे 05
पंचदेवरी 35
कुचायकोट 112
बैकुंठपुर 339
सिधवलिया 127
विजयीपुर 48