महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी स्कीम भले ही साल में सौ दिनों के रोजगार की गारंटी के लिए शुरू की गई है। लेकिन इस जिले में साल में एक सौ दिन का रोजगार पाना मुश्किल है। जाब कार्ड धारक कार्ड लिए रोजगार की मांग करते तो हैं, लेकिन उन्हें काम नहीं के बराबर मिलता है। आंकड़े इस बात के गवाह हैं कि पूरे जिले में सौ दिनों की रोजगार गारंटी स्कीम सफल नहीं हो पा रही है। वर्ष के शुरूआती सात माह यानी 214 दिनों की अवधि में केवल 408 लोगों को सौ दिनों का काम मिलना इस बात की सबूत है।
विभागीय सूत्र बताते हैं कि रोजगार गारंटी स्कीम के तहत ग्रामीण इलाकों में रहने वाले बेरोजगार लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए पूरे जिले में 3,44,158 लोगों के जाब कार्ड बनाए गए हैं। इस कार्ड के सहारे ही लाभुकों को काम दिया जाता है। योजना मद में पर्याप्त राशि भी उपलब्ध होने के बाद भी बेरोजगार लोगों के समक्ष रोजगार के लाले पड़े हुए हैं। यह दशा हरेक प्रखंड की है। सदर प्रखंड से लेकर दूर दराज के प्रखंडों तक की स्थिति एक समान है। हद तो यह कि जिले के कई प्रखंड में एक भी व्यक्ति को सौ दिन का काम उपलब्ध नहीं कराया गया। यह स्थिति तब रही जब इस अवधि में जिले में 35,117 लोगों ने काम की मांग की।
सिर्फ 177 विकलांगों को मिला काम
मनरेगा के तहत विकलांग लोगों को भी जाब कार्ड निर्गत किए गए हैं। लेकिन विभागीय आंकड़े बताते हैं कि इस साल के शुरुआती सात माह में 177 विकलांगों को ही काम मिल सका है। इन विकलांगों को कितने दिनों का रोजगार मिला, इस बात की जानकारी विभाग को नहीं है।
वानिकी योजना से भी नहीं मिला लाभ
सौ दिनों के रोजगार की गारंटी के लिए सामाजिक वानिकी योजना के तहत पौधरोपण करने के बाद लगाए गए पौधों की रक्षा की जिम्मेदारी वन पोषकों को दी गयी। वन पोषक के कार्य में भी मनरेगा के जाब कार्ड धारकों को ही लगाया गया। इस कार्य में करीब चालीस हजार वन पोषक लगाए गए हैं। लेकिन वन पोषकों को लगाये जाने के बाद भी सौ दिनों के रोजगार की कोई व्यवस्था नहीं हो सकी है।
यहां किसी को नहीं मिला सौ दिन काम
सरकारी स्तर पर तमाम प्रयास के बाद भी जिले के फुलवरिया, हथुआ तथा सिधवलिया प्रखंड में किसी भी व्यक्ति को सौ दिन का काम नहीं मिल सका। हद तो यह कि सात माह की अवधि बीतने के बाद भी सौ दिन का काम उपलब्ध नहीं करा पाने के एवज में किसी भी अधिकारी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
फिसड्डी रहा विभाग
सौ दिन का काम देने के मामले में ग्रामीण विकास विभाग वर्तमान वित्तीय वर्ष में पूरी तरह से फिसड्डी रहा है। आंकड़े बताते हैं कि पिछले वित्तीय वर्ष में इस अवधि में 1018 लोगों को सौ दिनों का काम दिया जा चुका था। इस साल यह आंकड़ा मात्र 408 पर सिमट गया है।
कहां कितने को मिला सौ दिनों काम
प्रखंड सौ दिन का काम
गोपालगंज 08
मांझा 158
बरौली 01
सिधवलिया 00
बैकुंठपुर 44
कुचायकोट 08
थावे 85
हथुआ 00
उंचकागांव 49
फुलवरिया 00
भोरे 19
विजयीपुर 07
कटेया 28
पंचदेवरी 01
कुल 408