पंचायतों में व्यवस्था आधी अधूरी है। लेकिन इसी व्यवस्था से सुदृढ़ पंचायती राज व्यवस्था का सपना देखा जा रहा है। पंचायतों में भवन से लेकर कर्मी तक का अभाव सरकार की व्यवस्था पर भारी पड़ती नजर आ रही है। कर्मियों की कमी के कारण सरकार की योजनाएं धरातल पर नहीं उतर पाती हैं। विभागीय आंकड़े बताते हैं कि सभी चौदह प्रखंडों में पंचायत पर्यवेक्षकों तक की व्यवस्था नहीं हो सकी है।