पहले सपना दिखाया और बाद में प्रखंड के डुमरिया घाट पर बैकुंठधाम बनाने की बात को भुला दिया गया। गंडक नदी के डुमरिया घाट पर बैकुंठधाम बनाने की घोषणा की गयी थी। इस घोषणा बाद इस इलाके के ग्रामीणों में यह उम्मीद जगी थी कि अब शवों का दाह संस्कार करने में परेशानी नहीं होगी। गंडक नदी के किनारे इस महत्वपूर्ण घाट पर गंदगी नहीं रहेगी। लेकिन डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी बैकुंठधाम बनाने को लेकर कोई पहल नहीं हो रही।