Thu, 20Oct 2016
हत्याकांड में संलिप्त आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन करना ग्रामीणों को महंगा पड़ गया। विरोध प्रदर्शन के बाद सासामुसा-लाइन बाजार पथ को जाम करने तथा आवागमन बाधित करने के आरोप में 53 ग्रामीणों के विरुद्ध कुचायकोट थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। थानाध्यक्ष महेन्द्र कुमार ने दर्ज प्राथमिकी में करीब डेढ़ सौ अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि रामपुर खरेया गांव में हुई युवक की हत्या को लेकर आरोपियों की गिरफ्तारी सहित अपनी मांगों के समर्थन में ग्रामीणों ने गत पांच अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने सासामुसा-लाइन बाजार पथ को घंटों जाम कर दिया। जाम के दौरान लोगों ने सड़क पर खड़े वाहनों में तोड़फोड़ की। जब पुलिस पदाधिकारी मौके पर पहुंचे तो ग्रामीणों ने उग्र होकर पुलिस के विरोध में भी नारेबाजी किया। बाद में पहुंचे वरीय पदाधिकारियों के हस्तक्षेप से लोगों का आंदोलन समाप्त हुआ। थानाध्यक्ष महेन्द्र कुमार ने घटना के 13 दिन के बाद दर्ज प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन के कारण घंटों सड़क जाम रहा। इस जाम के दौरान लोगों ने पुलिस के साथ ही अभद्र किया। दर्ज प्राथमिकी में कर्णपुरा गांव के चन्द्रमोहन पाण्डेय के अलावा रामपुर खरेया गांव के जितेन्द्र चौरसिया, बबिता कुमारी, कमलेश भगत, सतन साह, प्रभू चौरसिया, घनश्याम साह, पितांबर चौधरी, राजू चौरसिया, सुरेश साह, नंदकिशोर राय, बनजरिया गांव के पुष्पेन्द्र कुमार, विश्वनाथ तिवारी तथा भोपतीपुर गांव के ¨पटू चौबे, गुड्डू चौबे, अंकित चौबे, संतोष चौबे, केश्वर चौबे, धीरज चौबे, आलोक चौबे, हेमनारायण चौबे एवं मनुलाल श्रीवास्तव को नामजद आरोपी बनाया गया है।
हत्याकांड में संलिप्त आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन करना ग्रामीणों को महंगा पड़ गया। विरोध प्रदर्शन के बाद सासामुसा-लाइन बाजार पथ को जाम करने तथा आवागमन बाधित करने के आरोप में 53 ग्रामीणों के विरुद्ध कुचायकोट थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। थानाध्यक्ष महेन्द्र कुमार ने दर्ज प्राथमिकी में करीब डेढ़ सौ अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि रामपुर खरेया गांव में हुई युवक की हत्या को लेकर आरोपियों की गिरफ्तारी सहित अपनी मांगों के समर्थन में ग्रामीणों ने गत पांच अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने सासामुसा-लाइन बाजार पथ को घंटों जाम कर दिया। जाम के दौरान लोगों ने सड़क पर खड़े वाहनों में तोड़फोड़ की। जब पुलिस पदाधिकारी मौके पर पहुंचे तो ग्रामीणों ने उग्र होकर पुलिस के विरोध में भी नारेबाजी किया। बाद में पहुंचे वरीय पदाधिकारियों के हस्तक्षेप से लोगों का आंदोलन समाप्त हुआ। थानाध्यक्ष महेन्द्र कुमार ने घटना के 13 दिन के बाद दर्ज प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन के कारण घंटों सड़क जाम रहा। इस जाम के दौरान लोगों ने पुलिस के साथ ही अभद्र किया। दर्ज प्राथमिकी में कर्णपुरा गांव के चन्द्रमोहन पाण्डेय के अलावा रामपुर खरेया गांव के जितेन्द्र चौरसिया, बबिता कुमारी, कमलेश भगत, सतन साह, प्रभू चौरसिया, घनश्याम साह, पितांबर चौधरी, राजू चौरसिया, सुरेश साह, नंदकिशोर राय, बनजरिया गांव के पुष्पेन्द्र कुमार, विश्वनाथ तिवारी तथा भोपतीपुर गांव के ¨पटू चौबे, गुड्डू चौबे, अंकित चौबे, संतोष चौबे, केश्वर चौबे, धीरज चौबे, आलोक चौबे, हेमनारायण चौबे एवं मनुलाल श्रीवास्तव को नामजद आरोपी बनाया गया है।