एक अप्रैल से लागू हो रही नई उत्पाद नीति पर अमल करने के लिए जिला प्रशासन और उत्पाद विभाग ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली है। 31 मार्च को रात के दस बजे के बाद जिले में स्थित 133 देशी शराब की दुकानों को बंद करने का आदेश जिला प्रशासन ने जारी कर दिया गया। इसके साथ ही देशी शराब दुकानों में बची शराब को नष्ट करने के लिये जिला प्रशासन ने 15 टीम का गठन किया है। जिसकी निगरानी में देशी शराब को जलाकर नष्ट किया जाएगा। इस कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। जिला
उत्पाद अधीक्षक प्रिय रंजन ने बताया कि एक अप्रैल से नई उत्पाद नीति के लागू होने को देखते हुए गुरुवार की रात दस बजे से जिले के बैकुठंपुर, बरौली, सिधवलिया, मांझा, गोपालगंज, थावे, उचकागांव, कटेया, पंचदेवरी, कुचायकोट, विजयीपुर, भोरे, फुलवरिया सहित सभी प्रखंडों में चल रहे देशी तथा विदेशी शराब कि दुकानों को बंद कराने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही देशी शराब को नष्ट करने का भी काम शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि देशी शराब को नष्ट करने के लिये जिलाधिकारी राहुल कुमार के आदेश पर 15 टीमें गठित की गयी है। टीम की निगरानी में गुरुवार की रात दस बजे से देशी शराब को नष्ट करने की कार्रवाई की जाएगी। शराब नष्ट करने की कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी करायी जाएगी। उन्होने बताया कि देशी शराब को नष्ट करने के साथ ही विदेशी शराब की दुकानें बंद कराकर वहां मौजूद शराब को सील किया जाएगा। जिसको लेकर सभी थानाध्यक्ष तथा सीओ को इसकी सूचना दे दी गयी है।