राज्य में अपराधियों का मनोबल दिन-प्रतिदिन बढता ही जा रहा है। मंगलवार की रात अपराधियों ने गश्ती पर निकली फुलवरिया के सीरी ओपी पुलिस की टीम पर अंधाधुंध फायरिंग की और भाग निकले।
अपराधियों द्वारा की गई फायरिंग में गोली लगने से गश्ती टीम में शामिल एस आई उपेंद्र पासवान, कांस्टेबल उपेंद्र कुमार,धर्मनाथ प्रसाद तथा श्याम बिहारी बुरी तरह जख्मी हो गये हैं। सभी घायल पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
फायरिंग में घायल चार में से तीन पुलिस कर्मियों की हालत गंभीर थी। किसी के सिर मे किसी के सीने में गोली का छर्रा फंसा हुआ था। चिकित्सकों की टीम ने सभी घायलों का अॉपरेशन कर छर्रा निकाल दिया, और बताया कि वे सभी अब खतरे से बाहर हैं।
हथुआ एसडीपीओ मोहम्मद इम्तेयाज ने बताया कि सीरी ओपी पुलिस मंगलवार की रात भोरे मिसर बतरा पथ पर गश्ती पर निकली थी। तभी विपरीत दिशा से एक जिप्सी तेज गति से निकली, जिसका पुलिस की टीम की जिप्सी ने कुछ दूर तक पीछा किया और दुर्गा मंदिर के समीप ओवरटेक कर रोक लिया। लेकिन पुलिस ने जैसे ही अपनी जिप्सी को रोका अपराधियों ने अपनी जिप्सी से अंधाधुंध फायरिंग करना शुरू कर दिया और देखते ही देखते जिप्सी सवार अपराधी भाग निकले।
एसडीपीओ मोहम्मद इम्तेयाज ने बताया कि पुलिस मामले की गहन तहकीकात कर रही है कि ये कौन अपराधी थे और इनकी मंशा क्या थी? उन्होंने बताया कि मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस पर फायरिंग करने के बाद अपराधी यूपी की तरफ भाग निकले हैं और यूपी की सीमा की नाकेबंदी कर छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है।
नट गिरोह की तरफ घूम रही शक की सूई
गश्ती पर निकली श्रीपुर ओपी पुलिस पर फायरिंग तथा गोली लगने से एक एएसआई सहित पुलिस के चार जवानों के घायल होने से पुलिस पदाधिकारी भी सकते में हैं। इस घटना के बाद पुलिस उत्तर प्रदेश से जुड़ी सीमाओं की नाकेबंदी कर अपराधियों की धरपकड़ के लिए छापामारी अभियान चला रही है। हालांकि गश्ती पुलिस पर फायरिंग के चौबीस घंटे बाद भी पुलिस अपराधियो तक नहीं पहुंच सकी है। हालांकि गश्ती पुलिस पर कट्टा जैसे देशी असलहा से हुई फायरिंग को देखते हुए अब शक की सूई नट गिरोह की तरफ घूम रही है। अपराधी जिस जिप्सी से जा रहे थे, उसके पीछे बांस भी रखा गया था। जिससे नट गिरोह द्वारा इस घटना को अंजाम देने की संभावना को और बल मिला है। सूत्र बताते हैं कि नट गिरोह के सदस्य चोरी के दौरान घरों में प्रवेश करने के लिए बांस का प्रयोग करते हैं। इस गिरोह के सदस्य बांस के सहारे घर की छत पर चढ़ कर घर में प्रवेश कर चोरी की घटनाओं को अंजाम देते रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि जिप्सी के पीछे रखा बांस देखकर ही गश्ती पुलिस को भी शक हुआ था। जिसके बाद गश्ती पुलिस ने अपनी जिप्सी में सवार होकर इस जिप्सी का पीछा करना शुरू कर दिया। पीछा करते हुए गश्ती पुलिस ने मिश्र बतरहां में काली मंदिर के समीप ओवरटेक कर इस जिप्सी को टार्च जला कर रोकने का संकेत किया। सूत्र बताते हैं कि टार्च जलाकर रोकने का संकेत मिलते ही जिप्सी की रफ्तार कम हो गयी थी। इसी बीच ओवरटेक कर इस जिप्सी के आगे से अपनी जिप्सी से उतर कर गश्ती पुलिस के जवान इस जिप्सी की तरफ जांच पड़ताल के लिए जाने लगे। लेकिन तभी जिप्सी में सवार अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दिया। सूत्र बताते हैं कि फायरिंग में गोली लगने से पुलिस कर्मी जमीन पर गिर गए। इसी बीच जिप्सी पर सवार अपराधी वाहन सहित नरहवां के रास्ते यूपी की सीमा की तरफ भाग निकले।
देशी असलहा से की गई फायरिंग
गश्ती पुलिस पर अपराधियों ने देशी असलहा से फायरिंग किया था। जिससे एएसआई सुशील पासवान, कांस्टेबल उपेंद्र कुमार, कांस्टेबल धर्मनाथ प्रसाद तथा हवलदार श्याम बिहारी सिंह जख्मी हो गए। सूत्र बताते हैं कि देशी असलहा से फायरिंग किये जाने से पुलिस कर्मियों को कई छर्रा लगा। किसी के सिर, किसी के सीने तथा किसी के पेट के साथ ही शरीर के अन्य अंगों में छर्रा घूस गया था। सूत्र बताते हैं कि अपराधियों ने अचानक गश्ती पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दिया था। ऐसे में अगर उनके पास अत्याधुनिक हथियार रहता तो किसी भी पुलिस कर्मी के बच पाने की संभावना नहीं रहती।
सीमा की नाकेबंदी, छापामारी अभियान जारी
गश्ती पुलिस पर फायरिंग किये जाने की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक निताशा गुड़िया, हथुआ एसडीपीओ इम्तेयाज अहमद कई थाना की पुलिस के साथ मौके पर पहुंच गए थे। इसी बीच फायरिंग में घायल पुलिस कर्मियों से यह जानकारी मिलने के बाद कि अपराधी नरहवां की तरफ भागे हैं, पुलिस उनका पीछा करने निकल पड़ी। लेकिन अपराधी तब तक पुलिस की पहुंच से दूर निकल चुके थे। नरहवां की तरफ भागने से यह अनुमान लगाया जा रहा है कि अपराधी सीमावर्ती उत्तर प्रदेश में प्रवेश कर सकते हैं। जिसे देखते हुए पुलिस ने यूपी की सीमा की नाकेबंदी कर दिया है। एसडीपीओ हथुआ इम्तेयाज अहमद ने बताया कि सीमाओं की नाकेबंदी कर अपराधियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस छापामारी अभियान चला रही है।