सरस्वती पूजा के दौरान पूरे जिले में कड़ी चौकसी रहेगी। जिला प्रशासन ने पूजा को देखते हुए जिले के डेढ़ सौ से अधिक चिन्हित किये गये स्थानों पर दंडाधिकारियों के साथ ही पुलिस पदाधिकारी व 1200 से अधिक जवानों को तैनाती की जाएगी। पर्व को देखते हुए सरस्वती पूजा के एक दिन पूर्व ही दंडाधिकारियों की तैनाती की जाएगी। मूर्तियों के विसर्जन तक जवान निर्धारित किये गये स्थानों पर तैनात रहेंगे।
पूजा को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर भारी संख्या में दंडाधिकारियों को तैनात करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही पूजा को देखते हुए जबरन चंदा वसूली की कार्रवाई पर रोक के लिए विशेष तौर पर दिशानिर्देश जारी किये गये हैं। पूजा के दौरान लाउडस्पीकर से अश्लील गीतों के बजाने पर भी रोक लगाते हुए प्रशासन से दंडाधिकारियों को तमाम पूजा पंडालों पर नजर रखने का निर्देश दिया है। पूजा को देखते हुए हरेक थाना क्षेत्र में शांति समितियों की बैठक कर लेने का निर्देश दिया गया है। ताकि क्षेत्र में किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं हो सके। पर्व को लेकर दोनों अनुमंडल पदाधिकारियों को विशेष तौर पर एहतियात बरतने का निर्देश दिया गया है। साथ ही सभी पूजा समितियों को इसके लिए लाइसेंस प्राप्त करने का भी निर्देश जारी किया गया है।
शराब की बिक्री पर रहेगा प्रतिबंध
पूजा को देखते हुए हर तरह के मादक द्रव्यों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस दिन शराब व ताड़ी आदि दुकानें बंद रहेंगी। इस संबंध में प्रशासनिक स्तर पर निर्देश जारी किये गये हैं।
निर्धारित रूट से गुजरेगा विसर्जन जुलूस
पूजा के बाद मूर्तियों के विसर्जन को लेकर भी दिशानिर्देश जारी किये गये हैं। तमाम पूजा समितियां निर्धारित किये गये रूट से ही मूर्तियों को विसर्जन के लिए ले जाएंगे। प्रत्येक मूर्ति के साथ पुलिस पदाधिकारियों को स्काट करने के लिए कहा गया है। ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी विसर्जन के दौरान नहीं हो।