मीरगंज स्थित प्रकाश आइटीआइ में परीक्षा के दौरान कदाचार कराने के आरोप में गिरफ्तार फर्जी वीक्षक धर्मेन्द्र कुमार को शुक्रवार की शाम जेल भेज दिया गया। गिरफ्तार वीक्षक सिवान जिले के मैरवां स्थित आइटीआइ के शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं। इस संबंध में हथुआ के भूमि सुधार उप समाहर्ता नुरुल ऐन के बयान पर थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है। जिसमें परीक्षा केन्द्र के केन्द्राधीक्षक को भी नामजद किया गया है।
जानकारी के अनुसार गुरुवार को प्रकाश आइटीआइ में अखिल भारतीय व्यवसायिक परीक्षा का आयोजन किया गया था। इस परीक्षा में केन्द्राधीक्षक बबलू कुमार सिंह बनाये गये थे। परीक्षा की औचक जांच करने जब हथुआ के भूमि सुधार उप समाहर्ता पहुंचे तो उन्होंने वीक्षक के रूप में कार्य करने वाले एक व्यक्ति से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान संदेह के आधार पर उप समाहर्ता ने उनकी तलाशी ली। तलाशी के क्रम में वीक्षक के पास से परीक्षा में पूछे गये तमाम प्रश्नों के उत्तर की कापी बरामद की गयी। अलावा उनके पास से जो पहचान पत्र बरामद हुआ उसमें उनका नाम सिवान जिले के जीरादेई थाना क्षेत्र के ढेपहां बाजार स्टेशन रोड अंकित था। वे केन्द्राधीक्षक बबलू कुमार के नाम पर वीक्षक का कार्य करते पाए गये। पूरे मामले की जानकारी होने के बाद डीसीएलआर ने इस संबंध में थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी। जिसमें धर्मेन्द्र कुमार तथा बबलू कुमार सिंह को नामजद किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पकड़े गये फर्जी वीक्षक को शुक्रवार को जेल भेज दिया।