नलकूप स्थापित होने के बाद भी प्रखंड क्षेत्र के कटेया टोला गांव में किसान अपनी फसलों की सिंचाई के लिए निजी संसाधन पर ही निर्भर हैं। इस गांव में चार साल पूर्व नलकूप लगाया गया। लेकिन नलकूप लगाने के बाद विभाग नलकूप के लिए ट्रांसफार्मर लगाना ही भूल गया। जिससे अपने स्थापना काल से ही यह नलकूप बेकार पड़ा हुआ। नलकूप लगने के बाद आज तक चालू ही नहीं हो सका। ग्रामीण बताते हैं कि चार साल पूर्व लाखों रुपये की लागत से यहां नलकूप लगाया गया। अंडर ग्राउंड नाली सहित कई उपस्कर लगाये गए। लेकिन ट्रांसफार्मर नहीं लगने के कारण अभी तक यह नलकूप चालू नहीं हो सकता है। ग्रामीण बताते हैं कि यह नलकूप चालू हो जाए तो आधा दर्जन गांवों के किसानों की सिंचाई की समस्या दूर हो जाएगी। नलकूप चालू नहीं होने से इन गांवों के किसान अपनी फसलों की सिंचाई के लिए निजी पंप पर निर्भर है। उन्होंने विभागीय पदाधिकारियों से ट्रांसफार्मर लगाकर इस नलकूप को चालू कराने की मांग किया।