थाना क्षेत्र के बातल चोरहां स्थित कब्रिस्तान में शव दफनाने को लेकर थानाध्यक्ष तथा ग्रामीणों पर हुए हमले के मामले में गिरफ्तार की गयी एक महिला रविवार की रात पुलिस को चकमा देकर सदर अस्पताल से फरार हो गयी। इस महिला को पुलिस ने गिरफ्तार कर इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया था। वहीं इसी मामले को लेकर दो अलग अलग प्राथमिकी में पांच सौ लोगों को आरोपी बनाया गया है। जिसमें से पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार कर लिया। अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस छापामारी अभियान चला रही है।
बीते रविवार को थाना क्षेत्र के महेशपुर निवासी रेयाजुद्दीन मंसूरी के पुत्र का निधन होने के बाद शव दफनाने के लिए बातल चोरहां गांव स्थित कब्रिस्तान लाया गया था। लेकिन यहां शव को दफनाने को लेकर बातल चोरहां गांव के कुछ लोगों ने विवाद शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर मौके पर पुलिस बल के साथ पहुंचे कटेया थानाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण महतो दोनों पक्ष के लोगों को समझा बुझा कर मामले को शांत करा रहे थे। इसी बीच महिलाओं तथा उग्र ग्रामीणों ने पथराव शुरू कर दिया। जिसमें थानाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण महतो, अनि चंद्रशेखर आजाद, सहायक अनि रामजी यादव, महेशपुर निवासी जलील मियां, मुमताज अंसारी, इस्हाक अंसारी सहित कई पुलिस कर्मी घायल हो गये। इस मामले में थानाध्यक्ष के बयान पर बातल चोरहां निवासी अली हुसैन अंसारी सहित 42 नामजद तथा 250 अज्ञात लोगों के विरूद्ध थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी। इसी घटना को लेकर मृत बच्चे के दादा महेशपुर निवासी इसरायल मंसुरी के बयान पर भी थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है। जिसमें बातल चोरहां निवासी अली हुसैन सहित 42 नामजद तथा 250 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया। प्राथमिकी दर्ज करने के बाद पुलिस ने छापामारी कर अफरोज अंसारी और अमीना खातून को गिरफ्तार कर लिया। बताया जाता है कि गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अमीना खातून को इलाज के सदर अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से रविवार की रात आरोपी महिला पुलिस को चकमा देकर फरार हो गयी। पुलिस फरार महिला सहित अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए छापामारी अभियान चला रही है।