व्यवहार न्यायालय परिसर में रविवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस मौके पर बैंकों से संबंधित कुल 516 मामलों का आपसी सुलह व समझौते के आधार पर निपटारा किया गया। लोक अदालत के दौरान ही कुल 82 लाख रुपये की वसूली भी की गयी।
इसके पूर्व राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनील दत्त मिश्र तथा जिलाधिकारी राहूल कुमार ने दीप प्रज्जवलित कर किया। उद्घाटन समारोह में जिलाधिकारी ने उपस्थिति लोगों से आपसी सुलह व समझौते के आधार पर विभिन्न बैंकों से संबंधित वादों का निपटारा करने की अपील की। उद्घाटन समारोह के बाद लोक अदालत के लिए गठित किये गये छह पीठों के माध्यम से लंबित वादों के निपटारे की प्रक्रिया प्रारंभ की गयी। इस मौके पर उपस्थित पक्षकारों तथा बैंक के पदाधिकारियों ने समझौते के आधार पर कई मामलों का निपटारा किया। पूरे दिन न्यायालय परिसर में लोगों की भीड़ बैंकिंग वादों के निपटारे के लिए लगी रही। लोक अदालत में आये कुल 6326 मामलों में 516 मामलों का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया। इस निपटारे में 2 करोड़ 41 लाख 56 हजार की राशि का सेटलमेंट किया गया। मौके पर ही इस राशि में से करीब 82 लाख की वसूली भी की गयी। वादों के निपटारे के लिए गठित पीठ एक में सब जज पंचम, परमानंद मौर्या, पीठ दो में न्यायिक दंडाधिकारी देव प्रिय कुमार, पीठ तीन में एडीजे छह रामाआश्रय व एसडीजेएम विपिन बिहारी राय, पीठ चार में सब जज चतुर्थ विजय कृष्ण सिंह, पीठ पांच में सब जज तेरह बृजेश कुमार तथा पीठ छह में सब जज दस सुभाष चंद्र शर्मा को तैनात किया गया था। लोक अदालत में कई अन्य न्यायिक पदाधिकारी, कर्मी, बैंकों के शाखा प्रबंधक मौजूद थे।
बैंक व वादों का निष्पादन
बैंक का नाम वाद
पीएनबी 16
केनरा बैंक 39
सेंट्रल बैंक 201
यूनियन बैंक 04
स्टेट बैंक 216
ग्रामीण बैंक 24
बैंक आफ बड़ौदा 11
ओवरसीज बैंक 04
ओरिएंटल बैंक 01