रविवार को प्रखंड के बातल चोरहां गांव में शव दफनाने को लेकर हुए विवाद को सुलझाने के लिए पहुंचे कटेया थानाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण महतो सहित तीन पुलिस कर्मी रोड़ेबाजी के दौरान घायल हो गये। घायल थानाध्यक्ष व अन्य पुलिस कर्मियों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जानकारी के अनुसार रविवार को प्रखंड क्षेत्र के महेशपुर निवासी रेयाजुद्दीन अहमद के एक माह के नवजात अरमान की मौत हो गयी। अरमान के शव को के लिए महेशपुर के लोग बातल चोरहां स्थित कब्रिस्तान में ले गये। परंतु बातल चोरहा गांव के लोगों ने शव दफनाने से रोक दिया। विवाद बढ़ने के बाद इस घटना की सूचना कटेया थानाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण महतो को मिली। वे दलबल के साथ तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गये तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मदद से दोनों पक्षों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद दोनों पक्ष शव दफनाने पर सहमत हो गये। बताया जाता है कि इसी बीच बातल चोरहां गांव की दर्जनों महिलाएं लाठी-डंडा लेकर कब्रिस्तान के समीप पहुंचे गयी एवं शव दफनाने का विरोध करने लगी। प्रशासन द्वारा बीच बचाव करने के बाद महिलाएं उग्र हो गयी एवं पुलिस पर लाठी- डंडे से हमला बोल दिया। वहीं कुछ लोगों द्वारा ईट पत्थर भी चलाया। इस घटना में थानाध्यक्ष के अलावा एसआइ चंद्रशेखर आजाद तथा एएसआइ रामजी यादव घायल हो गये। घटना की सूचना मिलने पर पहुंचे एसडीपीओ हथुआ इम्तेयाज अहमद, एसडीओ प्रमोद राम, डीसीएलआर नुरूल ऐन के अलावा कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गयी। एसडीपीओ इम्तेयाज अहमद ने पुलिस बल के साथ अपनी देखरेख में शव को दफन करवाया। एसडीपीओ ने कहा कि उक्त मामले की जांच की जा रही है। दोषियों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है।