प्रखंड क्षेत्र के श्रीराम संस्कृत महाविद्यालय के परिसर में आयोजित दो दिवसीय संगोष्ठी के दूसरे दिन गुरुवार को शैक्षिक सत्र में संस्कृत के 25 विद्वानों ने आलेख वाचन किया। इस मौके पर सत्र की अध्यक्षता कर रहे सांगवेद संस्कृत कालेज भटनी के प्रधानाचार्य डा. तेज बहादुर मिश्र ने कहा कि भारतीय नारी तथा मानवाधिकार जैसे विषय पर इस सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में संगोष्ठी का आयोजन किया जाना प्रेरणादायक है। ऐसे आयोजनों से समाज में जागरुकता फैलती है। समापन सत्र को संबोधित करते हुए संस्कृत विभाग बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के एसोसिएट, प्रोफेसर डा. श्रीप्रकाश पाण्डेय ने कहा कि नारियों के मानवाधिकार को संरक्षण दिया जाना चाहिए। तभी समाज सभ्य हो सकता है। उन्होंने संगोष्ठी के सफल आयोजन के लिए प्रधानाचार्य डा. रामेश्वर राय तथा समन्वयक डा. विंध्यवासिनी शरण पाण्डेय को बधाई दिया। संगोष्ठी में डा. राम संयोग राय, प्रो. सर्वानंद पाण्डेय, डा. दीनानाथ साह, डा. भगवान नारायण मिश्र, डा. विनय कुमार सिंह, मनोज कुमार, डा. राकेश कुमार उपाध्याय, बहादुर यादव, डा. बालकृष्ण मिश्र, विधानंद्र राम, रमेश बैठा, सुनिता देवी आदि ने भी अपने अपने विचार रखे।