पंचायत चुनाव दलीय आधार पर कराने तथा अनाज के बदले पैसा योजना वापस लेने की मांग को लेकर मंगलवार को भाकपा माले के कार्यकर्ताओं ने शहर के अंबेडकर चौक पर धरना दिया। धरना को संबोधित करते हुए माले नेता विद्या सिंह ने कहा कि पंचायत चुनाव को दलीय आधार पर कराने से नीतीश कुमार की सरकार भाग रही है। दलीय आधार पर चुनाव होने से नीतिगत बातें होती और भ्रष्टाचार तथा गैर जिम्मेदार हरकतों के लिए पार्टियां जिम्मेवार बनती। लेकिन सरकार दलीय आधार पर पंचायत चुनाव नहीं कराकर अवसरवादी व्यवहार बढ़ावा दे रही है। उन्होंने फुटपाथी दुकानदारों की समस्या को भी उठाते हुए कहा कि सड़क के किनारे छोटे छोटे फुटपाथी दुकानदार अपनी दुकान लगा कर अपनी बाल बच्चों को पेट भरते हैं। लेकिन नो वेंडर जोन के नाम पर आए दिन पुलिस इन दुकानदारों पर लाठी भांज रही है। उन्होंने जिला प्रशासन से फुटपाथी दुकानदारों को दुकान लगाने देने की मांग किया। अपने संबोधन में माले नेता रीना शर्मा ने कहा कि नीतीश सरकार ने गरीबों के मुंह की रोटी छीनने की शुरुआत कर दी है। पूर्णिया जिले के कस्बा प्रखंड में अनाज के बदले पैसा योजना शुरू की गयी है। सरकार यह योजना पूरे प्रदेश में लागू करने की कवायद कर रही है। उन्होंने कहा कि यह जनवितरण प्रणाली को खत्म करने की साजिश है। उन्होने अनाज के बदले पैसा योजना को वापस लेने की सरकार से मांग किया। धरना को संबोधित करते हुए अन्य नेताओं ने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी, कृषि संकट, सामंती दमन से त्रस्त बिहार की जनता ने भाजपा के खिलाफ वोट देकर नीतीश कुमार को पुन बिहार की गद्दी सौंपी। लेकिन नीतीश सरकार जनादेश का सम्मान करने की बजाये भाजपा के ही नक्शे पर कदम चला रही है। धरना देने वालों में योगेंद्र शर्मा, जंगीराम, कृष्णा, रामप्रवेश राम, सगीर आलम, चांद आलम, सुभाष सिंह, छठु साह, नंदलाल गुप्ता, आरती देवी, हंसनाथ साह सहित काफी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे।