पूर्व विधायक के घर के आगे लगे जेनरेटर के मोटर की चोरी की घटना के बाद वरीय अधिकारियों के निर्देश पर सोमवार को एक साथ चोरी की पांच प्राथमिकी दर्ज की गयी। इन घटनाओं को लेकर थाने में दिये गये आवेदनों पर तत्कालीन थानाध्यक्ष ने कुंडली मार रखी थी। अगर बरौली पुलिस सतर्क रहती तथा तीन दिन में देवापुर में हुई चोरी की दो घटनाओं पर कार्रवाई करती तो शायद पूर्व विधायक के आवास के सामने लगे मोटर चोरी की घटना नहीं होती।
आधिकारिक सूत्रों की मानें तो पिछले एक-डेढ़ माह से बरौली थाना क्षेत्र में चोर कुछ अधिक सक्रिय हो गये थे। इसका कारण थानाध्यक्ष की ओर से ऐसी घटनाओं का प्राथमिकी दर्ज नहीं किया जाना था। छह फरवरी की रात्रि चोरों ने पूर्व विधायक के घर के समीप स्थित एक मोबाइल टावर के कीमती बैट्री की चोरी की गयी। इसके एक दिन पूर्व देवापुर में स्थित ग्रामीण बैंक के जेनरेटर के अल्टीनेटर की चोरी की गयी थी। लेकिन इस संबंध में जानकारी प्राप्त होने के बाद भी पुलिस ने कोई भी कार्रवाई नहीं की। इसके अलावा बरौली थाना क्षेत्र के मिर्जापुर मोड़ के समीप स्थित संतोष प्रसाद रस्तोगी के टेंट दुकान में भी 16 जनवरी की रात्रि चोरी की घटना हुई थी। तब चोर उनके दुकान से 17 हजार नकदी सहित करीब एक लाख की संपत्ति ले उड़े थे। अलावा इसके देवापुर गांव के अलिम मियां के घर से भी चोरों ने नकदी सहित करीब एक लाख की संपत्ति की चोरी कर ली थी। इन घटनाओं के संबंध में थाने को जानकारी होने के बाद भी कोई भी प्राथमिकी दर्ज नहीं की गयी। एसडीपीओ की जांच के बाद इस बात का खुलासा हुआ। वरीय अधिकारी के आदेश के बाद सोमवार की शाम इन घटनाओं की प्राथमिकी एक साथ थाने में दर्ज की गयी। ऐसे में चर्चा यह है कि अगर पूर्व के थानाध्यक्ष ने इन घटनाओं के बाद संज्ञान लिया होता तो शायद पूर्व विधायक के घर में चोरी की घटना नहीं होती।