सूबे के पूर्व मंत्री सह हम के नेता महाचंद्र प्रसाद ने बिहार सरकार से शिक्षक संस्थानों को अनुदान देने की मांग की है। रविवार को प्रेस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बिहार के शिक्षण संस्थानों को अनुदान देने की बजाय उन्हें तरह तरह की जांच में उलझा कर परेशान कर रही है। उन्होने कहा कि विधान पार्षद की मेरी सदस्यता कानून की धज्जियां उड़ा कर खत्म कर दिया गया। जिसके कारण सारण स्नातक क्षेत्र में फिर से चुनाव की नौबत आ गयी है। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में वोटर जात पात से ऊपर उठ कर वोट करेंगे। नियोजित शिक्षकों के तत्वाधान में आयोजित राम विवाह व कवि सम्मेलन में शामिल होने आये पूर्व मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बेहतर शिक्षा लेने के लिये शिक्षकों को वेतनमान के देना चाहिए। एक ओर राज्य व केंद्र के कर्मी छठा व सातवें वेतनमान की बात कर रहे हैं। वहीं नियोजित शिक्षक अभी वेतनमान के लिए तरस रहे हैं। सरकार को शिक्षकों की हर मांग मांगनी होगी।