यहां के लोगों की रोजी रोटी हाड़तोड़ मेहनत पर ही निर्भर है। पुरूष सुबह मछली पकड़ने चले जाते हैं तो महिलाएं दूसरे के खेत में मजदूरी करने। लेकिन शाम को जब ये अपने घर लौटते हैं तो पानी तक को तरस जाते हैं। बरौली नगर पंचायत में बसे बिन टोली की ढाई सौ आबादी को न पीने का शुद्ध पानी मिलता है और ना ही बिजली की रोशनी। अपने टोली तक पहुंचने के लिए सड़क को भी यहां के लोग तरस रहे हैं।