शिक्षकों के कमी से कई ट्रेडों की पढ़ाई बंद

वैसे कागज पर तो तकनीकी व व्यावसायिक शिक्षा देने के लिए प्रबंध किये गये हैं। लेकिन यहां तकनीकी व व्यावसायिक शिक्षा हवा में ही तैर रहा है। तकनीकी शिक्षा के नाम पर चल रहे एक मात्र आइटीआइ केन्द्र में शिक्षकों के अभाव में कई ट्रेडों की पढ़ाई ठप पड़ी हुई है। कमोबेश यहीं दशा सिपाया में संचालित पालिटेक्निक कालेज की भी है।

जिले में छात्र-छात्राओं को तकनीकी व व्यावसायिक शिक्षा देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का कार्यक्रम अभी भी दिखावा साबित हो रहा है। वैसे जिले के छात्रों को तकनीकी शिक्षा देने के लिए करीब तीन दशक पूर्व आइटीआइ कालेज की स्थापना की गयी थी। इस कालेज के खुलने के बाद छात्रों में तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने की उम्मीदें बढ़ी थीं। लेकिन यहां समय के साथ शिक्षकों की कमी के कारण कई ट्रेडों की शिक्षा बंद होती गयी। आज हालत यह है कि हथुआ स्थित एकमात्र सरकारी तकनीकी शिक्षक संस्थान में कई महत्वपूर्ण ट्रेडों में छात्रों को शिक्षा नहीं मिल पाती है। सिपाया में संचालित पोलिटेक्निक कालेज में भी शिक्षकों की कमी के कारण कई महत्वपूर्ण ट्रेडों की पढ़ाई नहीं हो पाती है। ऐसे में यहां के छात्रों को तकनीकी व व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त करने के लिए दूसरे प्रदेशों या दूसरे जिलों की ओर रुख करना पड़ता है।

दुकानों पर ट्रेनिंग और हो गये मैकेनिक

जिले में व्यवसायिक शिक्षा व तकनीकी शिक्षा का मतलब ही बदलता नजर आ रहा है। यहां दुकानों में ट्रेनिंग लेने के बाद ही लोग अनुभव के आधार पर ट्रेंड हो जाते हैं। मोबाइल मेकेनिक, मोटर बाइंडिंग, हार्ड वेयर तथा डीजल पंप मेकेनिक जैसे कार्य में लगे सैकड़ों लोगों के पास किसी भी मान्यता प्राप्त कालेज या विश्वविद्यालय की डिग्री नहीं है। इसी अनुभव के आधार पर सैकड़ों युवक तकनीकी कार्य में लगे हुए हैं।

Ads:






Ads Enquiry