मौनी अमवस्या के अवसर पर प्रखंड के हजारों श्रद्धालुओं ने विभिन्न घाटों पर आस्था की डुबकी लगायी। इस मौके पर प्रखंड के छोटी नदियों से लेकर नारायणी के तट तक भारी भीड़ तथा चहल-पहल देखी गयी। स्नान का यह मुख्य पर्व प्रखंड के नारायणी नदी के तट पर राजापुर घाट पर हुआ। जहां सीमावर्ती उत्तर प्रदेश तथा प्रखंड क्षेत्र के हजारों लोगों ने स्नान कर दान पुण्य किया। ऐतिहासिक रुप से लगने वाले इस मेले में भारी मात्रा में लकड़ी के बने सामानों की बिक्री तथा खरीद की गयी। लंबे समय से मौनी अमावस्या के अवसर पर राजापुर घाट के पास लगने वाले मेले में लकड़ी के तमाम सामानों के खरीद बिक्री की जाती है। इसके अलावा मेले में श्रद्धालुओं के मनोरंजन के लिए लोक संगीत का भी कार्यक्रम आयोजित किया गया था। रविवार की शाम से ही श्रद्धालुओं का राजापुर में पहुंचना शुरु हो गया था। आधी रात के बाद मौनी अमावस्या का पवित्र स्नान शुरु हो गया। स्थानीय प्रशासन तथा पुलिस द्वारा कानून व्यवस्था को देखते हुए पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल की तैनाती की गयी थी। इसके अलावा झरही नदी के तट पर चीलपुर गांव में भी मौनी अमावस्या के अवसर पर तमाम ग्रामीणों ने स्नान किया।