कंपाउंडर की रिपोर्ट पर भड़के ग्रामीण

बरौली स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में तोड़फोड़ की घटना एक निजी क्लिनिक के कंपाउंडर की गलत रिपोर्ट के बाद हुई। कंपाउंडर की ओर से मृत व्यक्ति को जिंदा बताए जाने के बाद ग्रामीण अचानक भड़क गये तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में तोड़फोड़ मचायी। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी तथा जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी को दूसरे कमरे में छिपकर जान बचाने को विवश होना पड़ा।

जानकारी के अनुसार बरौली थाना क्षेत्र के रतनसराय गांव का एक युवक करंट युक्त तार की चपेट में आने के कारण गंभीर रूप से जख्मी हो गया। युवक को इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर लाया गया। जहां जांच के बाद चिकित्सा पदाधिकारी डा. शाहिद नजमी ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद ग्रामीण युवक को लेकर अस्पताल से बाहर निकल गये। साथ ही अपने संतोष के लिए बरौली बाजार स्थित डाक्टर आरपी सिन्हा की क्लिनिक में ले गये। बताया जाता है कि डाक्टर आरपी सिन्हा के क्लिनिक में मौजूद कंपाउंडर बहादुर ने अस्पताल में मृत घोषित युवक को जिंदा बता दिया। इसी बात को लेकर ग्रामीण उग्र हो गये। ग्रामीणों इस दौरान अस्पताल में करीब एक घंटे तक तोड़फोड़ भी मचायी। ग्रामीण इस बात से आक्रोशित थे कि जिंदा व्यक्ति को डाक्टर ने मृत कैसे घोषित कर दिया। अस्पताल में हंगामा व तोड़फोड़ की घटना के समय में ग्रामीणों के आक्रोश के कारण चिकित्सा पदाधिकारी के अलावा अस्पताल के निरीक्षण को पहुंचे जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डाक्टर शक्ति सिंह को छिपकर जान बचाने को विवश होना पड़ा। ज्ञातव्य है कि जिस युवक को अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया था, उसकी जब सदर अस्पताल लाए जाने के बाद जांच हुई तो उसे मृत पाया गया था।

Ads:






Ads Enquiry